बुलंदी देर तक किस शख्श के हिस्से में रहती है बहुत ऊँची इमारत हर घडी खतरे में रहती है ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता, मै...
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बेहतरीन रचनाकारों का संकलन